जनगणना 2011 सूची ओबीसी, (How To Check Name In SECC -2011 In Hindi) (जनगणना 2021)

जनगणना 2011 सूची ओबीसी, नाम चेक करें, जनगणना 2021, कब शुरू होगी[How To Check Name In SECC -2011 In Hindi] (Data List, Download Final PDF, SECC-2021)

देश के नागरिकों की पहचान एवं कुल जनसंख्या की गणना करने के लिए हर 10 साल में जनगणना की जाती है. आने वाली जनगणना सन 2021 में की जाने वाली है. अब सरकार सन 2021 में होने वाली जनगणना में स्वतंत्र भारत में पहली बार ओबीसी पर डेटा एकत्र करेगी और फाइनल ओबीसी सूची तैयार की जाएगी. सन 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले पूरे भारत की फाइनल ओबीसी सूची तैयार करने का यह कदम राजनीतिक महत्व रखता है, क्योकि यह ओबीसी श्रेणी के लोगों को खुश करने वाला कदम है.

census-2021

Table of Contents

जनगणना 2011 एवं 2021 की जानकारी

नामSECC जनगणना
शुरुआतसन 1990
शुरुआत की गईतत्कालिक केंद्र सरकार द्वारा
लाभार्थीदेश के सभी नागरिक
अधिकारिक वेबसाइटयहाँ क्लिक करें
टोल फ्री नंबर14555
हेल्पलाइन नंबर9868914555

जनगणना इतिहास (History)

इसके इतिहास की बात की जाये तो सन 1990 में जब वीपी सिंह की सरकार थी, तब उन्होंने सन 1980 के मंडल आयोग की सिफारिश के आधार पर ओबीसी के लिए 27% आरक्षण की घोषणा की थी. इसकी सूची सन 1931 में आयोजित जाति की जनगणना के डेटा के आधार पर तैयार की गई थी.      

जनगणना क्यों आवश्यक है  

भारत ही नहीं विश्वभर के अनेक देशो में जनगणना आवश्यक है. क्योंकि देश में अलग-अलग नीतियों का निर्माण करने के लिए जनसंख्या का डाटा होना आवश्यक है. ऐसे में यह भी जरूरी है की कौनसे राज्य में किस जिले में कितने लोग पढ़े लिखे है और कितने नहीं. ताकि उनके अनुसार ही उस राज्य, जिला एंव तहसील में नीतियों का निर्माण हो सके. देश में किसी भी तरह की योजना शुरू करने से पहले इन्ही जनगणना के डाटा को ही एनालिसिस किया जाता है. उसके बाद ही नीतियों का निर्माण किया जाता है.

जनगणना 2011 भारत

वित्तीय वर्ष 2011 में, यूपीए सरकार ने सामाजिक, आर्थिक और जातीय जनगणना डेटा आयोजित किये. जिसे 3 जुलाई 2015 को वर्तमान एनडीए सरकार द्वारा जारी किया गया था. 28 जुलाई, 2015 को सरकार ने जाति के विवरणों में कुल 8.19 करोड़ गलतियाँ निकाली थी. इनमें से कुल 6.73 करोड़ गलतियाँ ठीक की गई थी, लेकिन फिर भी 1.45 करोड़ गलतियों को सुधारना अभी भी बाकी था.

जनगणना 2011 सूची में अपना नाम कैसे देखें

2011 जनगणना सूचि को ऑनलाइन आप चेक कर सकते है. इसमें अपने एरिया की जनसंख्या की पूरी जानकारी देख सकते हैं. अपने राज्य, जिला, तहसील एंव गाँव की जनसंख्या की जानकारी आप इस तरह देख सकते हैं –

  • सबसे पहले जनगणना विभाग की ऑफिसियल वेबसाइट पर विजिट करें.
  • साईट के मुख्य पेज पर View result लिखा होगा उसपर क्लिक करें.
  • अब आपको साईट के नेविगेशन मेन्यु नजर आयेंगे. यहाँ Statewise and Zonewise पर क्लिक करना है.
  • अब पहले ही ऑप्शन SECC Data Summery पर क्लिक करना है.
  • अब आपको यहाँ अपनें राज्य का चुनाव करना है.
  • राज्य के बाद जिला का चुनाव करें.
  • अब अपनी तहसील का चुनाव करें.
  • अब आपके सामने आपके एरिया की रिपोर्ट नजर आएगी उपर Save Report लिखा होगा, उसपर क्लिक करें. और उसे डाउनलोड करें.
  • इस प्रकार आप जनगणना सूचि की खोज कर सकते हैं.

जनगणना 2021 भारत ओबीसी डेटा (Census 2021 For Collecting OBC Data in India)

अब जनगणना 2021 आयोजित की जाएगी, जिसमें पूरा ओबीसी डेटा एकत्र किया जायेगा. इस सर्वे के परिणामस्वरूप आवासीय और गैर आवासीय ओबीसी की विस्तृत जानकारी मिल जाएगी, जो पूरे भारत की ओबीसी सूची तैयार करने के लिए आवश्यक है. जनगणना आयोजित होने के 3 साल बाद जनगणना 2021 को अंतिम रूप दिया जायेगा. पहले यह प्रक्रिया आमतौर पर 7 से 8 साल की अवधि में पूरी की जाती थी. गृहमंत्री जी ने 2021 में जनगणना करने के लिए और 2024 तक रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए रोड मैप पर चर्चा की है. यहाँ तक कि इसके डिजाईन और तकनीकी क्षेत्रों में विभिन्न सुधार किये गये हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि एकत्रित डेटा को जनगणना के 3 सालों के अंदर अंतिम रूप दिया जायेगा. हालांकि इस पर संबंधित समिति को रिपोर्ट देने के लिए भी कहा गया था. जल्द ही इस पर काम शुरू हो जायेगा किन्तु कॉविड 19 की वजह से यह कुछ समय के लिए स्थगित किया जा सकता है. इसकी जानकारी अभी सरकार द्वारा नहीं दी गई है.

जनगणना 2021 कब शुरू होगी

जैसा की हम जानते है भारत में हर 10 साल बाद जनगणना होती है, इस बार 2021 में जनगणना होनी है. लेकिन COVID 19 वैश्विक महामारी को देखते हुए गणना शुरू होने की तारीख में बदलाव किया गया है. पहले जम्मू एंव कश्मीर की जनगणना 1 अक्टूबर 2020 को शुरू हो गई थी और देश के अन्य राज्यों एंव हिस्सों की जनगणना 1 मार्च 2021 से शुरू होनी थी. लेकिन COVID 19 की वजह से अब यह डाटा करीब एक साल बाद यानि 2022 में आ सकता है. हालाँकि सरकार बहुत जल्द देश के अन्य हिस्सों में जनगणना शुरू करवा चुकी है लेकिन सम्पूर्ण देश का पूर्ण जनसंख्या डाटा हमें 2022 में ऑनलाइन मिल पायेगा.

जनगणना 2021 कैसे होगी

हमेशा की तरह जनगणना का पूरा कार्यभार सरकारी कर्मचारियों को सौंपा जाएगा. लेकिन इस बार जनगणना में पूछे जाने वाले सवालों में काफी बदलाव किया गया है. इसके अलावा कर्मचारियों को मोबाइल एप्लीकेशन दिया जाएगा. उस एप्लीकेशन की मदद से जनगणना करवाई जायेगी. यह कर्मचारियों के लिए काफी आसान तरीका होगा जनगणना का और कर्मचारियों का काफी समय भी बचाएगा. सरकारी कर्मचारी हमारे घर आयेंगे और हमसे जनगणना में तय किये गये प्रश्न की जानकारी मांगेगे. हम जो जानकारी देंगे वो सब वह मोबाइल एप्लीकेशन में फीड करेंगे.

जनगणना 2021 क्या सवाल पूछे जायेंगे (Census 2021 Questions)

2011 जनगणना के मुकाबले इस बार ज्यादा प्रश्न पूछे जायेंगे इसके अलावा आप इन्टरनेट का उपयोग करते हैं? ऐसे सवाल पहली बार पूछे जायेंगे. 2021 की जनगणना में पूछे जाने वाले 31 सवाल इस तरह है –

  1. बिल्डिंग नंबर (म्यूनिसिपल या स्थानीय अथॉरिटी नंबर)
  2. हाउस नंबर
  3. मकान की छत, दीवार और सीलिंग में मुख्य रूप से इस्तेमाल हुआ मटीरियल
  4. मकान का इस्तेमाल किस उद्देश्य से हो रहा है
  5. मकान की स्थिति
  6. मकान का नंबर
  7. घर में रहने वाले लोगों की संख्या
  8. घर के मुखिया का नाम
  9. मुखिया का लिंग
  10. क्या घर के मुखिया अनुसूचित जाति/जनजाति या अन्य समुदाय से ताल्लुक रखते हैं
  11. मकान का ओनरशिप स्टेटस
  12. मकान में मौजूद कमरे
  13. घर में कितने शादीशुदा जोड़े रहते हैं
  14. पीने के पानी का मुख्य स्रोत
  15. घर में पानी के स्रोत की उपलब्धता
  16. बिजली का मुख्य स्रोत
  17. शौचालय है या नहीं
  18. किस प्रकार के शौचालय हैं
  19. ड्रेनेज सिस्टम
  20. वॉशरूम है या नहीं
  21. रसोई घर है या नहीं, इसमें एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन है या नहीं
  22. रसोई के लिए इस्तेमाल होने वाला ईंधन
  23. रेडियो/ट्रांजिस्टर
  24. टेलिविजन
  25. इंटरनेट की सुविधा है या नहीं
  26. लैपटॉप/कंप्यूटर है या नहीं
  27. टेलिफोन/मोबाइल फोन/स्मार्टफोन
  28. साइकल/स्कूटर/मोटरसाइकल/मोपेड
  29. कार/जीप/वैन
  30. घर में किस अनाज का मुख्य रूप से उपभोग होता है
  31. मोबाइल नंबर (जनगणना संबंधित संपर्क करने के लिए)

जनगणना 2021 थीम एवं भाषायें (Theme and Language)

2021 की इस जनगणना की थीम “जन भागीदारी से जनकल्याण है” और यह जनगणना 16 भाषाओं में होगी. गृह मंत्री अमित शाह के अनुसार इस बार जाती आधारित डाटा जारी नही किया जाएगा.

जनगणना 2021 से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण पहलू (Important Points)

  • राष्ट्रीय सैंपल सर्वे संगठन या एनएसएसओ, स्टेटिस्टिक्स और प्रोग्राम को लागू करने वाले मंत्रालय की एक शाखा है. इसने सन 2006 में देश की आबादी पर सैंपल सर्वे रिपोर्ट की घोषणा की थी, और उस रिपोर्ट में ओबीसी की कुल आबादी देश की कुल जनसंख्या की 41% थी.
  • एनएसएसओ ने ग्रामीण इलाकों में 79,306 परिवारों और शहरी क्षेत्रों में 45,374 परिवारों की सूची बनाई थी.
  • जनगणना 2021 में ओबीसी जाति के डेटा को एकत्र करने के इस निर्णय के बारे में खुलासा गृहमंत्री ने जनगणना 2021 की तैयारी की समीक्षा के बाद किया.
  • लगभग 25 लाख लोगों को जनगणना 2021 के लिए ओबीसी डेटा इकठ्ठा करने के लिए प्रशिक्षण एवं उसके अभ्यास के लिए लगाया गया है.
  • इसका एक मात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनगणना 2021 में एकत्र किया गया डेटा एक दम सटीक हो.
  • 2021 की जनगणना में सरकार को सभी जातियों और धार्मिक समूहों के बारे में व्यापक डेटा सुनिश्चित करना चाहिए. अगर सरकार ओबीसी के 27% आरक्षण पर विचार कर रही है तो एसटी, एससी और ओबीसी के आरक्षण की कुल संख्या 49% हो जाएगी.
  • केंद्र सरकार नागरिक रजिस्ट्रेशन प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर ध्यान केन्द्रित कर रही है. इसमें दूर के क्षेत्रों में कई जन्म और मृत्यु के रजिस्ट्रेशन शामिल है. इसके साथ ही शिशु रजिस्ट्रेशन दर, मातृ मृत्यु दर और फर्टिलिटी दर जैसे सटीक डेटा का अनुमान लगाने के लिए सैंपल रजिस्ट्रेशन प्रणाली को मजबूत करने की आवश्यकता है.

जनगणना 2021 भारत ओबीसी डेटा से लाभ (Benefits)

  • जाति आधारित डेटा आरक्षित वर्ग के लिए अपनी योजनाओं और नीतियों का निर्णय लेने में मदद करेगा. इसके अलावा यह कुछ जातियों के दावे को अस्वीकार कर देगा जो आरक्षण का दावा करते हैं.
  • मोदी सरकार, सन 2021 की जनगणना में ओबीसी डेटा एकत्र करने और पूरे देश की फाइनल ओबीसी सूची तैयार करने के इस फैसले को आने वाले लोक सभा चुनाव में उजागर कर सकती है. इससे उन्हें आने वाले चुनावों में फायदा हो सकता है.
  • इसके साथ – साथ यह ओबीसी श्रेणी के लोगों को भी लाभ पहुँचाएगा, क्योंकि इससे उनकी पहचान करने में मदद मिलेगी.

जनगणना टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर

यदि आप जनगणना सूची में अपना नाम देखना चाहते है तो आप टोल फ्री नंबर 14555 पर कॉल कर सकते हैं लेकिन यदि आप इस योजना के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको 9868914555 पर कॉल करना होगा.

हमने यहाँ 2021 की जनगणना इतनी ख़ास क्यों है के बारें में बताया है. चूँकि इस बार डिजिटल तरीके से जनगणना होनी है तो हमारे लिए यह बहुत ख़ास होने वाली है. जनगणना विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार 2021 का डाटा 2022 के शुरुआती महीने में लाइव कर दिया जाएगा. इस डाटा को हम ऑनलाइन देख पायेंगे.

FAQ

Q : 2011 की जनगणना में कितने प्रश्न पूछे गये थे ?

Ans : 29 सवाल पूछे गये थे.

Q : जनगणना किसके द्वारा करवाई जाती है ?

Ans : गृह मंत्रालय के अधीन महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त द्वारा कराई जाती है.

Q : भारत की कुल जनसंख्या कितनी है ?

Ans : इंटरनेट पर मौजूद वर्ल्ड मीटर वेबसाइट के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या एक अरब 38 करोड़ है.

Q : क्या जनगणना फॉर्म भरना सभी भारतीयों के लिए अनिवार्य है ?

Ans : जी हाँ, लेकिन 2021 में फॉर्म नहीं भरना होगा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा.

Q : भारत का सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला राज्य कौनसा है ?

Ans : उत्तरप्रदेश राज्य सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला राज्य है. इस राज्य की जनसंख्या 19.95 करोड़ है.

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