गोधन न्याय योजना 2023 छत्तीसगढ़ [पंजीयन फार्म] Chhatisgarh Godhan Nyay Yojana In Hindi

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना 2023 [पंजीयन फार्म] कीमत, गोबर खरीदने वाली योजना, ऑनलाइन, ऑफलाइन तरीका, आवेदन, पात्रता, दस्तावेज, अधिकारिक वेबसाइट, टोल फ्री नंबर [Chhatisgarh Godhan Nyay Yojana in Hindi] (Application Online Form, Eligibility, Documents, Official Website)

देश में देखा जा रहा हैं कि कई पशु जैसे गाय भैंस आदि ऐसे ही आवारा सड़कों पर घूमते रहते हैं, जिससे दुर्घटना एवं बीमारी का खतरा बना रहता है. इस खतरे को कम करने के लिए एवं खुले में उनकी चराई पर प्रतिबन्ध लगाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक योजना की शुरुआत की हैं जिसका नाम है गोधन न्याय योजना. इस योजना के तहत गौ – पालन करने वाले पशुपालकों से गोबर की खरीदी की जाएगी, और उसके बदले में उन्हें पैसे दिए जायेंगे. इससे उनकी वित्तीय सहायता हो सकेगी. इस योजना को छत्तीसगढ़ सरकार ने हरेली त्यौहार के दिन से पूरे राज्य में लागू कर दिया हैं. छत्तीसगढ़ सरकार की इस योजना से क्या – क्या लाभ होगा और सरकार किस तरह से गोबर की खरीदी करेगी इसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई है इसे अंत तक पढिये.

Godhan Nyay Yojana CG

Table of Contents

गोधन न्याय योजना छत्तीसगढ़ 2023

योजना का नामगोधन न्याय योजना
राज्यछत्तीसगढ़
लांच की गईमुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी द्वारा
लाभार्थीपशुपालक किसान
संबंधित विभाग / मंत्रालयकृषि एवं जल संसाधन मंत्रालय
अधिकारिक वेबसाइटयहाँ क्लिक करें
टोल फ्री नंबरNA

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गोधन न्याय योजना ताज़ा खबर (Latest Update)

इस योजना की ताज़ा खबर यह है कि इस योजना के तहत इस साल 10 जुलाई को लाभार्थ्यों के बैंक खाते में सिंगल क्लिक कर माध्यम से पैसे स्थानांतरित किये जाने का फैसला राज्य सरकार द्वारा लिया गया है. यह काम करीब 11:30 बजे किया जायेगा. इससे स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और गौठान समितियों को 2.45 करोड़ रूपये का लाभ पहुंचेगा, साथ ही गोबर विक्रेता पशुपालकों को 62.18 लाख रूपये का लाभ मिलेगा. हालांकि सरकार ने 582 करोड़ रूपये की राशि कबीरधाम एवं कुछ गरियाबंद जिलों के नागरिकों के हित के लिए आवंटित करने का फैसला किया है.

गोधन न्याय योजना की विशेषताएं (Features)

योजना का उद्देश्य :-

इस योजना को शुरू करके छत्तीसगढ़ सरकार खुले में चलाई की प्रथा को रोकना एवं पशुपालकों की आय में वृद्धि करना चाहती है.

आर्थिक मदद :-

इस योजना में पशुपालन करने वाले किसानों को खास तौर पर आर्थिक मदद दी जा रही हैं.

योजना में दी जाने वाली सुविधा :-

इस योजना के तरह छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को यह सुविधा दे रही हैं कि उनसे गोबर की खरीदी करके उन्हें बदले में पैसे दिए जायेंगे.

गोबर का उपयोग :-

सरकार जब किसानों से गोबर खरीदेगी, तो इसके बाद इससे वर्मी कंपोस्ट खाद का निर्माण किया जायेगा. इसका निर्माण कार्य महिला स्वयं सहायता समूह के द्वारा होगा. और इसे फिर किसानों, वन विभाग एवं उद्यानिकी विभाग को प्रदान किया जायेगा.

गोबर का खरीद कीमत :-

सरकार द्वारा खरीदे जाने वाले गोबर की कीमत सरकार ने 2 रूपये प्रति किलोग्राम सुनिश्चित की हैं. इसमें परिवहन शुल्क भी शामिल है.

गोबर की कीमत का निर्धारण :-

गोबर कितने रूपये में खरीदा जायेगा, इसका निश्चय एक समिति की बैठक के बाद किया गया है. इस समिति में कृषि एवं जन संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे अध्यक्ष थे एवं इनके साथ 5 अन्य मंत्रिमंडल के सदस्य भी मौजूद थे.

योजना की देखरेख :-

इस योजना में गोबर की खरीदी का काम, किसानों को दिए जाने वाले वित्तीय प्रबंधन का काम, वर्मी कम्पोस्ट के निर्माण का काम एवं उसके बेचने की प्रक्रिया आदि की देखरेख मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सचिव एवं उप सचिव की समिति के द्वारा की जाएगी.

गोधन न्याय योजना गोबर कहाँ बेचें

कुल गौठानों का निर्माण :-

पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में कुल 5 हजार गौठानों का निर्माण किया जाना है. जिसमें से लगभग 24 हजार गौठानों का निर्माण ग्रामीण क्षेत्र में किया जा चूका हैं जबकि शहरी इलाकों को केवल 337 गौठान बनाये गये हैं. इन्हें आजीविका केंद्र नाम से भी संबोधित किया जा रहा है. इन गोठानों में जाकर पशुपालक गोबर को बेच सकेंगे, यहाँ से सरकार सीधे पशुपालकों को लाभ देगी.

वर्मी कम्पोस्ट खाद की कीमत :-

गोबर को स्वयं सेविका की मदद से जैविक खाद में बदला जायेगा, सरकार वर्मी कम्पोस्ट खाद को विभिन्न विभागों एवं अन्य लोगों को 8 रूपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचेगी. सरकार ने इसके लिए भी एक कार्य योजना का निर्माण किया है.

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गोधन न्याय योजना से लाभ (Benefits)

  • इस योजना के शुरू होने से रोजगार और किसानों की अतिरिक्त आय के अवसरों में वृद्धि होगी.
  • इस योजना से सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा, इससे उन क्षेत्रों में बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद सरकार ने की है.
  • गोबर की खरीदी करने के बाद वर्मी कॉपोस्ट खाद का निर्माण होने से जैविक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे फसलों की गुणवत्ता अच्छी होगी.
  • वर्मी कम्पोस्ट खाद का निर्मण करने वाली स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार प्राप्त होगा. इससे पशुपालन क्षेत्र में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ेगी.
  • छत्तीसगढ़ के ऐसे क्षेत्र जोकि अत्यंत ही पिछड़े वर्ग के हैं. उनमें 4 क्षेत्रों को चिन्हित किया गया हैं जोकि नरवा, गरुवा, घुरुवा एवं बाड़ी आदि हैं, इन क्षेत्रों का विकास हो सकेगा.
  • गोधन न्याय योजना से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा भी मिल सकेगा.

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना योग्यता

छत्तीसगढ़ निवासी :-

जो कोई भी इसके लिए आवेदन कर रहा है वो इस बात का खास ध्यान रखे की वो छत्तीसगढ़ का ही निवासी हो। क्योंकि राज्य सरकार उस राज्य में रहने वाले लोगों को ही इसका लाभ प्रदान करेगी और किसी भी बाहर वाला व्यक्ति इस योजना को नहीं ले सकता।

पशुपालक :-

इस योजना  के तहत पशुपालको को ही इसका फायदा मिलेगा। क्योंकि ये राज्य सरकार का आदेश है कि इस योजना को पशुपालकों के लिए शुरू किया गया है इसलिए किसी अन्य व्यक्ति को इसका फायदा नहीं दिया जाएगा। इसके लिए जरूरी है कि आपको पशुपालनों के बारे में जरूरी जानकारी होनी चाहिए। क्योंकि इसके जरिए ही आप सारी सुविधाएं ले सकते हैं। साथ ही इसके बारे में अच्छे से जानकारी पा सकते हैं।

अन्य पात्रता :-

अगर आप ये सोच रहे हैं कि इसका फायदा राज्य में रह रहे सभी व्यक्तियों जैसे बड़े जमींदारों व्यापारियोंको मिलेगा तो ऐसा नहीं है, इसमें भी कई केटेगरी रखी गई है जिसके अंदर आने वाले लोगों को मदद मिलेगी।

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना दस्तावेज

आधार कार्ड

इसके लिए आपको अपने आधार कार्ड की कॉपी को आवेदन फॉर्म के साथ ऐड करना होगा, जिसके जरिए आपकी सारी जानकारी वहां जमा हो जाएगी।

निवास प्रमाण पत्र

आप वहां के निवासी हैं, इसका प्रमाण पत्र सरकार के पास जमा कराना होगा। जिसकी जांच सरकार बाद में करेगी या आपको किसी तरह की कोई परेशानी होगी तो आपको उसका हल देगी।

मोबाइल नंबर

मोबाइल नंबर के जरिए आपका सरकार के पास डाटा रहेगा साथ ही वो आपको आने वाली नई स्कीम के लिए आगे संपर्क कर पाएगी।

पशुओं से सम्बंधित जानकारी हेतु प्रमाण पत्र

पशुओ से संबंधित जानकारी आपको इसलिए जमा करानी होगी ताकि आपके पशु से जुड़ी या उसके बारे में जो जानकारी सरकार को बाद में चाहिए हो तो वो उसे ले सके।

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना ऑफिशियल वेबसाइट

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजनाके तहत ऑनलाइन आवेदन करा सकते हैं। और अपने आजीविका में सुधार ला सकेंगे। इसके लिए अधिकारिक वेबसाइट भी राज्य सरकार द्वारा जारी की गई है.

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना आवेदन

  1. सबसे पहले आप इस योजना की अधिकारिक वेबसाइट में जाइये, और वहां पर योजना से संबंधित लिंक पर क्लिक करिये. जोकि आपको वेबसाइट में ही मिल जाएगी.
  2. इसके बाद आपके सामने आवेदन फॉर्म खुल जायेगा, जिसमें आपको वो सारी जानकारी भरनी होगी। जिसके जरिए सरकार आपको वो सेवा प्रदान करें। इसलिए जो भी उसमें भरने के लिए बोला हो, वो सही तरीके से भरे
  3. इसके बाद सभी आवश्यक दस्तावेजों की कॉपी को भी इसमें अटैच कर दें. और फिर भविष्य के लिए सबमिट कर दें।

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना मोबाइल एप्प

यदि आपके पास एंड्राइड फोन है तो आप इस योजना के लिए आवेदन करने के लिए उसका सहारा ले सकते हैं. इसके लिए आपको अपने फोन में गोधन न्याय योजना मोबाइल एप्प को डाउनलोड करके इनस्टॉल करना होगा. यह आप गूगल प्ले स्टोर से कर सकते हैं.

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना टोल फ्री नंबर

फिलहाल इसके लिए कोई भी टोल फ्री नंबर जारी नहीं किया गया है, सिर्फ वेबसाइट जारी की है जहां जाकर आप इसे अप्लाई कर सकते हैं।

इस तरह से छत्तीसगढ़ राज्य सरकार पहली ऐसी सरकार हैं जो इस तरह की योजना लेकर आई है. इससे पहले इस तरह की कोई भी योजना देश में लागू नहीं हुई है. आगे जाकर सरकार गौमूत्र की खरीदी करने का भी सोच रही है.

FAQ

Q : गोधन न्याय योजना किस राज्य में चलाई जा रही हैं ?

Ans : छतीसगढ़

Q : गोधन न्याय योजना क्या हैं?

Ans : इस योजना के अंतर्गत सरकार गाय का गोबर खरीदती हैं .

Q : गोधन न्याय योजना का लाभ किसे मिलता हैं ?

Ans : पशुपालक किसानों को

Q : गोधन न्याय योजना में गोबर की कीमत क्या हैं ?

Ans : 2 रुपया प्रति किलो

Q : गोधन न्याय योजना में पैसा (पेमेंट) कैसे मिलेगा ?

Ans : ऑनलाइन पेमेंट

Q : गोबर खरीदने वाली योजना का नाम क्या हैं ?

Ans : गोधन न्याय योजना

Q : गोधन न्याय योजना की ऑनलाइन पंजीयन प्रक्रिया क्या हैं ?

Ans : नहीं हैं

Q : गोधन न्याय योजना में गोबर कैसे बेचा जायेगा ?

Ans : ऑफलाइन तरीके से, गोठानों के जरिये

Q : गोधन न्याय योजना की शुरुवात कब हुई ?

Ans : 20 जुलाई हरेली के त्यौहार से

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